Shivratri Special: The Spiritual Power of Name, Vibhuti, and Rudraksha

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शिवरात्रि विशेष  शिवरात्रि के तीन रत्न: शिव नाम, विभूति और रुद्राक्ष शिव भक्तों के लिए वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण समय यानी कि महा शिवरात्रि का पर्व आ रहा है। यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिये सर्वोत्तम माना जाता है क्योंकि इस दिन व्रत, पूजन, चिंतन मनन, आराधना एवं भक्ति से परमपिता की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शिव भक्त इस दिन अपनी अपनी तरह से किसी न किसी स्वरूप में भगवान शिव से जुड़ने का प्रयत्न करते हैं ताकि वे उस सकारत्मक ऊर्जा का आभास कर सकें जिसे वे पूजते हैं। इस सकारात्मक ऊर्जा से हम न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से मजबूत होते हैं अपितु शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से भी हमें दृढ़ होते है जिससे कि हमारा कल्याण होता है। तो आइए इस शिव रात्रि में आत्मकल्याण के लिए भगवान शिव से जुड़ते हैं। वैसे भगवान शिव से जुड़ने के लिए उनका स्मरण मात्र ही बहुत है किंतु शिवरात्रि में शिवनाम की स्तुति, विभूति और रुद्राक्ष इनका अपना अलग महत्व है। इन तीनों को पावन मन से धारण करने पर एक सकारात्मक ऊर्जा हमारे चारों ओर रहती है जिससे हमें परमपिता शिव के अपने समीप होने का आभास होता है।  ...

Valentine's Day

वेलेंटाइन डे ...I love you vs अजी सुनते हो...

      
  रोहित और निशा एक प्राइवेट कंपनी में साथ में काम करते हैं लेकिन रोहित निशा से सीनियर पद पर है। अपनी नौकरी के पहले दिन निशा बहुत घबराई हुई थी लेकिन सीनियर रोहित ने उसकी खूब मदद की। दोनों साथ काम करते हुए एक अच्छे दोस्त बन गए थे और अब तो रोहित निशा से प्यार भी करने लगा था।
    दोनों साथ में लंच करते और ऑफिस के साथ साथ घर की समस्या भी साझा करते। शाम को छुट्टी होती तो घर भी साथ निकलते। एक दिन रोहित निश्चय करता है कि वो वेलेंटाइन डे पर निशा को अपने दिल की बात बता देगा।
   इस वेलेंटाइन डे के दिन रोहित ने सोचा कि ऑफिस की छुट्टी के समय तसल्ली से कॉफी हाउस में बैठकर निशा को अपने दिल का हाल बयां करेगा लेकिन निशा को किसी काम से दिन में ही घर आना पड़ा। 
  रोहित को बहुत बुरा लगा कि आज निशा बिना कुछ कहे ही अकेले निकल गई लेकिन वेलेंटाइन डे के खास दिन अपनी बात कहने का मौका वो किसी हाल में गंवाना नहीं चाहता था। उसने तुरंत फोन करके अपनी बात बतानी चाही इसलिए निशा को फोन मिला दिया लेकिन दिल की बात कहने की हिम्मत न हुई और केवल घर का हाल जानकर ही फोन काट दिया। 
   जिद्दी मन से अबकी बार निशा को झट से I Love You का मैसेज टाइप तो कर दिया लेकिन भेजने की हिम्मत यहां भी न कर पाया। फिर कुछ देर सोचता रहा और अब 
वेलेंटाइन डे की शाम भी गुजरने वाली थी इसलिए रोहित को लगा कि अगर वो आज भी नहीं बता पाया तो फिर कभी नहीं बोल पाएगा। उसने निश्चय कर ही लिया कि आज शाम ही वो निशा से मिलेगा और अपने प्यार का इजहार कर ही देगा। उसने ऑफिस से निकलकर निशा के लिए गुलाब के फूल लिए और उसके घर की तरफ चल पड़ा। निशा से मिलते ही 'I Love You' कहने ही जा रहा था कि तभी जोर से कड़कड़ाती आवाज़ आयी, 

" अजी सुनते हो! सुबह के 9 बज गए हैं, ये खररांटे मारना बंद करो। पता नहीं नींद में क्या बड़बड़ाते रहते हो। जल्दी उठो। भूल गए क्या आज 14 फरवरी है.. आज तो चुनाव हैं।
 आज के दिन हमें वोट देने भी तो जाना है। अजी! सुनते हो की नहीं। "
(यह एक काल्पनिक घटना है इसका किसी के साथ कोई संबंध नहीं है अगर किसी को ऐसा लगता है तो वह केवल एक संयोग मात्र है।)

एक- Naari

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