संदेश

भ्रामरी प्राणायाम लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सावन विशेष: शिव के प्रिय..

चित्र
सावन विशेष: भगवान  शिव के प्रिय कौन हैं?  जानिए   सावन आये और शिव का नाम न हो!! ऐसा कैसा हो सकता है। जैसे सावन की बारिश से धरती का वातावरण साफ और शुद्ध हो जाता है वैसे ही सावन में शिव के नाम से ही मन भी निर्मल होने लगता है। सावन माह की बारिश में हर वनस्पति अपने वृद्धिकाल में होती है इसलिए धरती का कोना कोना हरियाली से भरा रहता है और जब प्रकृति अपने इस सुंदर रूप में होगी तो मन का चंचल होना स्वाभाविक है। ऐसे में जहां मन अस्थिर होता है वहीं सावन में मन को स्थिर और शांत रखने के लिए शिव का ध्यान किया जाता है। ऐसे में प्रकृति स्वयं हमारे  मानसिक नियंत्रण एवं आध्यात्मिक विकास के लिए हमें भगवान शिव के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करती है और फिर हम सभी भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा अर्चना में लग जाते हैं चूंकि प्रकृति स्वयं शिवा अर्थात पार्वती है जो शिव का ही भाग है इसलिए प्रकृति के साथ पूरा वातावरण ही शिवमय हो जाता है और हमारा मन भी शिव में लीन होने लगता है।   हिंदू धर्म में माना जाता है कि भगवान शिव को समर्पित इस विशेष काल में शिव नाम से ही मा...

गर्मी में ठंडक देने वाले योग

चित्र
  गर्मी में ठंडक देने वाले योग  गर्मियों का मौसम है तो गर्मी होगी ही लेकिन जब पृथ्वी का तापमान ही औसत से अधिक होना आरंभ हो जाए तो गर्मी का भीषण होना स्वाभाविक है। हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर प्रकृति के साथ मानव की अनावश्यक छेड़छाड़ होगी तो उसका असर किसी न किसी रूप में दिखेगा ही। फिर भी प्रकृति तो माँ है,"मदर नैचर" है, इसीलिए प्रकृति हमें सिखाती है कि विपरीत परिस्थिति में भी स्वयं का संतुलन किस प्रकार किया जाए बस प्रकृति को समझना आवश्यक है। तभी तो प्रकृति माँ हमें योग भी सिखाती है।    अब जैसे योग का अर्थ केवल मन, मस्तिष्क, शरीर तक ही सीमित नहीं है अपितु मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य (adjustment) भी है इसीलिए गर्मियों में शरीर के ताप का संतुलन भी योग के द्वारा संभव है।    बाहर चाहे कितनी भी गर्मी हो लेकिन प्राकृतिक तरीके से शरीर को ठंडा करने का आसान सा उपाय है, शीतली, शीतकारी एवं भ्रामरी प्राणायम। केवल दस मिनट के इन योग से शरीर के अंदर की ताप को नियंत्रित कर सकते हैं जिससे गर्मी में मिलेगा आराम... शरीर को ठंडक देने वाले त...