क्योंकि बहु भी तो सास बनेगी…

चित्र
क्योंकि बहु भी तो सास बनेगी... माँ, आज घर लौटते हुए थोड़ी देर हो जायेगी... आईने में लिपस्टिक लगाते हुए रंजना ने अपनी सास लता से कहा। क्यो?? आज कुछ खास है क्या??  माँ, वो आज ऑफिस मे सिन्हा जी की रिटायरमेंट पार्टी है और आपको तो पता ही है कि ऑफिस में इसकी  जिम्मेदारी मेरी रहती है। इसलिए आज जल्दी जा रही हूँ ताकि पार्टी के साथ साथ अपना ऑफिस का काम भी जल्दी निपटा लूं।  गाड़ी की चाबी थामे रंजना तेजी से बाहर निकलती है...   अरे,नाश्ता तो कर ले...  नाश्ता वही कर लूंगी... अच्छा तो कम से कम कुछ फल तो ले जा और सुन, इन्हें याद से खा लेना। काम के चक्कर में भूल मत जाना।(रंजना के बैग में फल का डिब्बा डालते हुए लता बड़बड़ाते हुए कहती है ) हमेशा जल्दी में रहती है ये लड़की.. हाँ हाँ पक्का, चलो बाय मां,  बाय दादी।  बाय मां,  बाय दादी, उन्हु। (आंगन मे बैठी दादी ने नाक सिकोड़कर कहा।) न जाने क्या हो गया है आज कल की बहुओं को। न कोई शर्म न कोई लाज। ये मर्दाना कपड़े पहनो, गाड़ी दौड़ाओ, रात को घर देर से आओ और ऊपर से चूल्हा चौके की तो बात ही न करो इनसे।   आजकल की बहुओं को चा...

Valentine's Day

वेलेंटाइन डे ...I love you vs अजी सुनते हो...

      
  रोहित और निशा एक प्राइवेट कंपनी में साथ में काम करते हैं लेकिन रोहित निशा से सीनियर पद पर है। अपनी नौकरी के पहले दिन निशा बहुत घबराई हुई थी लेकिन सीनियर रोहित ने उसकी खूब मदद की। दोनों साथ काम करते हुए एक अच्छे दोस्त बन गए थे और अब तो रोहित निशा से प्यार भी करने लगा था।
    दोनों साथ में लंच करते और ऑफिस के साथ साथ घर की समस्या भी साझा करते। शाम को छुट्टी होती तो घर भी साथ निकलते। एक दिन रोहित निश्चय करता है कि वो वेलेंटाइन डे पर निशा को अपने दिल की बात बता देगा।
   इस वेलेंटाइन डे के दिन रोहित ने सोचा कि ऑफिस की छुट्टी के समय तसल्ली से कॉफी हाउस में बैठकर निशा को अपने दिल का हाल बयां करेगा लेकिन निशा को किसी काम से दिन में ही घर आना पड़ा। 
  रोहित को बहुत बुरा लगा कि आज निशा बिना कुछ कहे ही अकेले निकल गई लेकिन वेलेंटाइन डे के खास दिन अपनी बात कहने का मौका वो किसी हाल में गंवाना नहीं चाहता था। उसने तुरंत फोन करके अपनी बात बतानी चाही इसलिए निशा को फोन मिला दिया लेकिन दिल की बात कहने की हिम्मत न हुई और केवल घर का हाल जानकर ही फोन काट दिया। 
   जिद्दी मन से अबकी बार निशा को झट से I Love You का मैसेज टाइप तो कर दिया लेकिन भेजने की हिम्मत यहां भी न कर पाया। फिर कुछ देर सोचता रहा और अब 
वेलेंटाइन डे की शाम भी गुजरने वाली थी इसलिए रोहित को लगा कि अगर वो आज भी नहीं बता पाया तो फिर कभी नहीं बोल पाएगा। उसने निश्चय कर ही लिया कि आज शाम ही वो निशा से मिलेगा और अपने प्यार का इजहार कर ही देगा। उसने ऑफिस से निकलकर निशा के लिए गुलाब के फूल लिए और उसके घर की तरफ चल पड़ा। निशा से मिलते ही 'I Love You' कहने ही जा रहा था कि तभी जोर से कड़कड़ाती आवाज़ आयी, 

" अजी सुनते हो! सुबह के 9 बज गए हैं, ये खररांटे मारना बंद करो। पता नहीं नींद में क्या बड़बड़ाते रहते हो। जल्दी उठो। भूल गए क्या आज 14 फरवरी है.. आज तो चुनाव हैं।
 आज के दिन हमें वोट देने भी तो जाना है। अजी! सुनते हो की नहीं। "
(यह एक काल्पनिक घटना है इसका किसी के साथ कोई संबंध नहीं है अगर किसी को ऐसा लगता है तो वह केवल एक संयोग मात्र है।)

एक- Naari

टिप्पणियाँ

  1. Hahahaha,,,14 February sunkar valentine samjhi kya,,voter hai mai,,,vote daalne jayega saala

    जवाब देंहटाएं
  2. Thik hua thodi der aur nhi soya Rohit nhi to sare Raaz aa jate bahar nind main hi..😜

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मेरे ब्रदर की दुल्हन (गढ़वाली विवाह के रीति रिवाज)

उत्तराखंडी अनाज.....झंगोरा (Jhangora: Indian Barnyard Millet)

अहिंसा परमो धर्म: