संदेश

प्रकृति संरक्षण लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सावन विशेष: शिव के प्रिय..

चित्र
सावन विशेष: भगवान  शिव के प्रिय कौन हैं?  जानिए   सावन आये और शिव का नाम न हो!! ऐसा कैसा हो सकता है। जैसे सावन की बारिश से धरती का वातावरण साफ और शुद्ध हो जाता है वैसे ही सावन में शिव के नाम से ही मन भी निर्मल होने लगता है। सावन माह की बारिश में हर वनस्पति अपने वृद्धिकाल में होती है इसलिए धरती का कोना कोना हरियाली से भरा रहता है और जब प्रकृति अपने इस सुंदर रूप में होगी तो मन का चंचल होना स्वाभाविक है। ऐसे में जहां मन अस्थिर होता है वहीं सावन में मन को स्थिर और शांत रखने के लिए शिव का ध्यान किया जाता है। ऐसे में प्रकृति स्वयं हमारे  मानसिक नियंत्रण एवं आध्यात्मिक विकास के लिए हमें भगवान शिव के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करती है और फिर हम सभी भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा अर्चना में लग जाते हैं चूंकि प्रकृति स्वयं शिवा अर्थात पार्वती है जो शिव का ही भाग है इसलिए प्रकृति के साथ पूरा वातावरण ही शिवमय हो जाता है और हमारा मन भी शिव में लीन होने लगता है।   हिंदू धर्म में माना जाता है कि भगवान शिव को समर्पित इस विशेष काल में शिव नाम से ही मा...

संरक्षण: प्रकृति और मानव का (World Nature Conservation Day)

चित्र
28 July: world nature conservation day विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस चलो एक ऐसा दिन तो है जहाँ हम प्रकृति के संरक्षण के बारे में भी सोचते हैं। नहीं तो हमें प्रकृति के उपयोग के स्थान पर केवल दोहन करने से ही फुर्सत नहीं मिल पा रही थी।    कितने स्वार्थी हो गए हैं न हम!! केवल अपना अपना सोचते सोचते कितने जंगल काट दिये, कितने पशु पक्षी का अस्तित्व खतरे में डाल दिया, कितनी नदियों को खनन से खोखला कर दिया और धरती के गर्भ में प्लास्टिक नाम का कचरा भर दिया। यही नहीं यहाँ तक कि अनियंत्रित चहलकदमी से ग्लेशियर पिघला दिये और तरह तरह के प्रदूषण से अपनी सुरक्षा छतरी यानी कि ओजोन परत को भी छलनी कर दिया। तभी तो मौसम में कभी अति गर्मी तो कभी गर्मियों में सर्दी, सर्दियों में गरम, बरसात में सूखा और कभी तीनों मौसम एक साथ। इससे समझ जाएं कि पृथ्वी का मिजाज़ बदल रहा है।     अब इतना सब कुछ करने के बाद भी अगर हम अभी भी प्रकृति के संरक्षण के बारे में नहीं सोचेंगे तो तय मानिये कि आने वाला समय प्रकृति के लिए नहीं मानव जाति के लिए कठिन होगा जिसके गम्भीर परिणाम आगे दिखाई दे...