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सावन विशेष: शिव के प्रिय..

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सावन विशेष: भगवान  शिव के प्रिय कौन हैं?  जानिए   सावन आये और शिव का नाम न हो!! ऐसा कैसा हो सकता है। जैसे सावन की बारिश से धरती का वातावरण साफ और शुद्ध हो जाता है वैसे ही सावन में शिव के नाम से ही मन भी निर्मल होने लगता है। सावन माह की बारिश में हर वनस्पति अपने वृद्धिकाल में होती है इसलिए धरती का कोना कोना हरियाली से भरा रहता है और जब प्रकृति अपने इस सुंदर रूप में होगी तो मन का चंचल होना स्वाभाविक है। ऐसे में जहां मन अस्थिर होता है वहीं सावन में मन को स्थिर और शांत रखने के लिए शिव का ध्यान किया जाता है। ऐसे में प्रकृति स्वयं हमारे  मानसिक नियंत्रण एवं आध्यात्मिक विकास के लिए हमें भगवान शिव के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करती है और फिर हम सभी भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा अर्चना में लग जाते हैं चूंकि प्रकृति स्वयं शिवा अर्थात पार्वती है जो शिव का ही भाग है इसलिए प्रकृति के साथ पूरा वातावरण ही शिवमय हो जाता है और हमारा मन भी शिव में लीन होने लगता है।   हिंदू धर्म में माना जाता है कि भगवान शिव को समर्पित इस विशेष काल में शिव नाम से ही मा...

किसान बिल पर किसान की सहमति या विरोध (किसान और सरकार दोनों के लिए अभी दिल्ली दूर है। ) (Farmer's consent or opposition to the Kisan Bill (Delhi is far away for both farmer and government.)

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              किसान को कौन नहीं जानता। हमारे देश की लगभग 70 प्रतिशत जनता तो किसान ही है। हर किसी को पता है कि जो खेत में हमारे लिए रबी और खरीफ़ की फसल के बीच में ही झूलता रहता है, दिन रात मेहनत करता है और बन्ज़र धरती को भी हरा बनाता है, वही किसान है। लेकिन आज के समय में एक आदमी जो खेत से उठकर आज सड़क पर तो कल किसी मैदान में जमा हुआ है क्या वो किसान है? दो महीनों से जो अपने खेत खलिहान को छोड़कर अपने हक और आंदोलन  को लेकर कभी पैदल तो कभी ट्रैक्टर ट्राली में बैठकर शहरों की सीमाओं में पहुँच चुका है, क्या वो किसान है? या फिर जो अपने खेत में बोआई और रोपाई को छोड़कर दो महीनों का राशन पानी का इंतज़ाम करते हुए किसी कारवां में शामिल हो चला है, वो किसान है। समयानुसार अब किसान को पहचानना बहुत ही मुश्किल हो चला है क्योंकि अब बहुत कुछ बदल रहा है। वो कह रहे हैं कि मेरा देश बदल रहा है।           सितंबर माह में कृषि संबंधित तीन बिल सदन में पास हुए। लेकिन इस बिल का विरोध सड़क पर लगातार हो रहा है। कभी रोड़ जाम तो कभी रेल पटरी ...