संदेश

मार्च, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सावन विशेष: भगवान शिव के प्रिय कौन हैं? जानिए शिवजी को क्या सबसे अधिक प्रिय है

सावन विशेष: भगवान शिव के प्रिय कौन हैं? जानिए  शिवजी को क्या सबसे अधिक प्रिय है सावन आये और शिव का नाम न हो!! ऐसा कैसा हो सकता है। जैसे सावन की बारिश से धरती का वातावरण साफ और शुद्ध हो जाता है वैसे ही सावन में शिव के नाम से ही मन भी निर्मल होने लगता है। सावन माह की बारिश में हर वनस्पति अपने वृद्धिकाल में होती है इसलिए धरती का कोना कोना हरियाली से भरा रहता है और जब प्रकृति अपने इस सुंदर रूप में होगी तो मन का चंचल होना स्वाभाविक है। ऐसे में जहां मन अस्थिर होता है वहीं सावन में मन को स्थिर और शांत रखने के लिए शिव का ध्यान किया जाता है। ऐसे में प्रकृति स्वयं हमारे  मानसिक नियंत्रण एवं आध्यात्मिक विकास के लिए हमें भगवान शिव के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करती है और फिर हम सभी भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा अर्चना में लग जाते हैं चूंकि प्रकृति स्वयं शिवा अर्थात पार्वती है जो शिव का ही भाग है इसलिए प्रकृति के साथ पूरा वातावरण ही शिवमय हो जाता है और हमारा मन भी शिव में लीन होने लगता है।   हिंदू धर्म में माना जाता है कि भगवान शिव को समर्पित इस विशेष काल में शिव नाम ...

थोड़ा कुमाऊँ घूम आते हैं...

चित्र
 थोड़ा कुमाऊँ घूम आते हैं...    जब सफर में दो बच्चे साथ हों तो रास्ता कितना भी लंबा हो उसका पता ही नहीं चलता वो भी भाई बहन क्योंकि उनके झगड़े, खींचतान, वाद विवाद सुलझाते सुलझाते आपकी मंजिल कब आ जाती है उसका पता ही नहीं चलता। ऐसा ही कुछ हाल हमारे साथ भी था क्योंकि मेरे दोनों बच्चे जिया और जय मेरे साथ एक छोटे से सफर में थे।    योजना तो पता नहीं कहाँ से आरम्भ हुई जो गोवा, दिल्ली, मथुरा, वृंदावन से होते होते अपने उत्तराखंड में ही समाप्त हुई क्योंकि इतने कम समय में सोचा कि थोड़ा कुमाऊँ घूम आते हैं। इसलिए मैं, विकास, माँ (सास जी) और दोनों बच्चे सभी एक साथ उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल के प्रसिद्ध स्थलों में से कुछेक का भ्रमण करने जा रहे थे।   वैसे सोचा था कि मार्च के अंतिम दिनों में घूमने जायेंगे, जब दोनों बच्चे वार्षिक परीक्षाओं के बाद अपनी नई कक्षाओं में जाने की तैयारी कर रहे हो लेकिन जब एक ही घर के दो बच्चे अलग अलग विद्यालय के छात्र हो तो कहीं न कहीं छुट्टियों के कैलेंडर का तालमेल गड़बड़ा ही जाता है। जैसे कि जिया की वार्षिक परिक्षाएँ तो समाप्त हो च...