🌿 holi-ke-rang-prakriti-ke-sang 🌿

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  🌿 होली के रंग प्रकृति के संग  जब फाग का आगमन होता है तो मन अपने आप रंगों को खोजता है चाहे वो धरती से फूटे हुए रंग हो या आसमान में बिखरे इन्द्रधनुषी रंग। सच मानो, फाल्गुन का आना जीवन में रंगो का आना है। और हो भी क्यों न! क्योंकि इस समय प्रकृति बर्फ, कोहरे और ठंड की चादर को धूप में सुखाकर अब उसे ढकने की तैयारी जो करती है। अब तो उसका समय फूलों की रंगीन ओढ़नी को फैलाने का होता है। 🌸 बसंत, फाल्गुन और प्रकृति का नवजीवन बसंत को तो जैसे इसी की प्रतीक्षा रहती है कि कब पौष और माघ की सर्द रातें जाएं और गुनगुनी धूप से उसका स्वागत किया जाए ताकि प्रकृति के कण कण में नवजीवन छा जाए। इस नवजीवन के साथ बसंत की बयार जब चन्हुँ ओर फैलती है तो समझ जाना चाहिए कि फाल्गुन माह का आगमन हो गया है और इसी फाग में आता है, रंगों का उत्सव, होली। एक ऐसा उत्सव जिसका आनंद हम प्रकृति के सुंदर रंगों के माध्यम से लेते हैं।  लंबी और ठंडी रातों के बाद जब फाल्गुन के दिन आते हैं तो मौसम सुहावना होने लगता है। हल्की गर्मी और हल्की ठंडी के बीच हरियाली ओढ़े पेड़ झूमने लगते हैं। साथ ही धरती पर फूटे रंग बिरंगे फूलों ...

About Us

 I am a woman that's my own identity.


 I am a mother of two lovely kids and having a wonderful family. Love to speak in Garhwali and Love to eat Garhwali cuisine with Garhwali style... During this pandemic, I learned that Music and Books are the best friends so whenever you feel lonely start reading books or turn your radio on. I believe in Albert Einstein's quote... Imagination is more important than knowledge...

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