नव वर्ष की तैयारी, मानसिक दृढ़ता के साथ

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नव वर्ष में नव संकल्प: मानसिक दृढ़ता New Year's Resolutions: Mental Strength/Resilience   यह साल जितनी तेजी से गुजरा उतनी ही तेजी के साथ नया साल आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि एक साल तो जैसे एक दिन की तरह गुजर गया। मानो कल की ही तो बात थी और आज एक वर्ष भी बीत गया!   हर वर्ष की भांति इस वर्ष के अंतिम दिनों में हम यही कहते हैं कि 'साल कब गुजरा कुछ पता ही नहीं चला' लेकिन असल में अगर हम अपने को थोड़ा सा समय देकर साल के बीते दिनों पर नजर डालें तो तब हम समझ पाएंगे कि सच में इस एक वर्ष में बहुत कुछ हुआ बस हम पीछे को भुलाकर समय के साथ आगे बढ़ जाते हैं।    इस वर्ष भी सभी के अपने अलग अलग अनुभव रहे। किसी के लिए यह वर्ष सुखद था तो किसी के लिए यह वर्ष दुखों का सैलाब लेकर आया। सत्य भी है कि इस वर्ष का आरंभ प्रयागराज के महाकुंभ से हुआ जहां की पावन डुबकी से मन तृप्त हो गया था तो वहीं प्राकृतिक आपदाओं और आतंकी घटनाओं से मन विचलित भी था। इस वर्ष की ऐसी हृदय विदारक घटनाओं से मन भय और शंकाओं से घिरकर दुखी होने लगता है लेकिन आने वाले वर्ष की मंगल कामनाओं के लिए मन को मनाना ...

Happy Independence Day

15 अगस्त: आजादी का अमृत महोत्सव 
जरा याद करो कुर्बानी.... 


आज याद आया दिन कुर्बानी का
गांधी पटेल बलिदानी का
आज़ाद भगत वीर सैनानी का
झांसी वाली मर्दानी का 

आज याद आया दिन कुर्बानी का... 

वो वक़्त था जंग ए आज़ादी का
खुदी बोस की जवानी का
नेता जी हिंदुस्तानी का
बिस्मिल, अशफ़ाक़ की कहानी का

आज याद आया दिन कुर्बानी का... 

एक प्रतिज्ञा तुम भी कर लो
सर न झुके कभी हिंदुस्तान का
कोई गरीब भूखा न सोए
न बहे लहू किसी इंसान का
बिगुल बजा दो दुनिया में अब
वक्त नहीं किसी मेहरबानी का

आज याद आया दिन कुर्बानी का... 

नई खोज से बनो केसरी
प्रेम का ओढ़ो सफेदा
धरती का सीना सींचो
आज देश बनाओ हरियाली का
पढ़ो लिखो, चाहे खेलो कूदो
पहले तिलक करो इस माटी का 
फिर करो नमन अपनी माँ भवानी का

आज याद आया दिन कुर्बानी का... 

गांधी पटेल बलिदानी का
आज़ाद भगत वीर सैनानी का
झांसी वाली मर्दानी का 
आज याद आया दिन कुर्बानी का.... 
एक -Naari

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